जयसने पेसा एक्ट कानून के संबंध में ज्ञापन दिया
बीते दिन मनावर तहसील कार्यालय ने नायब तहसीलदार सोनी सोनिका सिंह तथा थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार मालवीया को पैसा एक्ट कानून के संबंध में जयस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
जयस अध्यक्ष सुनील ने बताया कि धार जिले के मनावर क्षेत्र में सामाजिक संगठनों के नाम पर आदिवासियों एवं गैर-आदिवासियों के बीच में विद्वेष फैलाने का कार्य किया जा रहा है और इस कार्य में शामिल सामाजिक संगठन बकायदा अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंप रहे हैं उन्होंने कहा भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची में अधिसूचित क्षेत्रों के संबंध में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जनजाति क्षेत्र अधिसूचित किए गए हैं।
संविधान के अनुच्छेद 15 एवं 244 में अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में उनकी परंपराओं, रुढ़ियों और वर्जनाओं के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं। भारतीय संविधान में 73वें संशोधन के द्वारा 11वीं अनुसूची स्थापित की जाकर ग्राम पंचायतों को 29 विषयों पर अधिकार सौंपे गए हैं, इसी संविधानिक संशोधन के भावना के अनुरुप अधिसूचित क्षेत्रों के लिए भारतीय संसद ने पेसा कानून 1996 पारित किया, जो अधिसूचित क्षेत्रों में लागू है। जिसके नियम बनाए जाने के संबंध में राज्य मंत्रालय के स्तर पर जून 2021 में विधिवत कार्यवाही प्रारंभ की गई है।
जय आदिवासी युवा शक्ति संघठन ने कुछ सामाजिक संगठन के लोग के द्वारा भारतीय संविधान, संसद द्वारा बनाए गए कानून को अमान्य व अवमानना करते हुए आदिवासी समाज एवं गैर-आदिवासी समाज में विद्वेष पैदा करने का घृणित एवं दंडनीय अपराध कर रहे हैं, जो आपराधिक कृत्य है और देशद्रोह तथा संविधान की भावनाओं का अपमान करने का कृत्य है। इनके विरुद्ध देशद्रोह का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना आवश्यक है, क्योंकि इनके घृणित कारनामों से आदिवासियों और गैर- आदिवासियों में गभीर विद्वेष फैलने की संभावना है।
सामाजिक विद्वेष उत्पन्न करनेवालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने बाबत ज्ञापन मे सुनील इसके जयस तहसील अध्यक्ष, सुनील स्टार, राकेश मंडलोई, मोकाल जर्मन, हीरालाल बघेल, दिनेश मुवेल, पन्नालाल बघेल वीरेंद्र भिड़े,विश्राम मौर्य, मोहन बुंदेला, मुकेश ठाकुर,अर्जुन वास्केल, मनोज पटेल, सूरज भूरिया, राजेंद्र मुजाल्दे, राजा वास्केल, पदम जामोद, एवं जयस संगठन के समस्त पदाधिकारी उपस्थित हुए।
आदिवासी युवा


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