सिवनी आदिवासी हत्याकांड: सिवनी एसपी के साथ-साथ चौकी के पूरे स्टाफ को हटाया



भोपाल:-
 सिवनी आदिवासी हत्याकांड को लेकर सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला किया. सरकार ने इस मामले में एक तरफ सिवनी एसपी के साथ-साथ चौकी के पूरे स्टाफ को हटा दिया, तो दूसरी तरफ जांच के लिए एसआईटी का गठन भी कर दिया.


एसआईटी की टीम रविवार को सिवनी जा कर मामले की तह तक जांच करेगी और 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.


गौरतलब है कि कुरई थानांतर्गत सिमरिया गांव में गौ-मांस तस्करी का आरोप लगाकर दो आदिवासियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. दूसरी ओर, इस मामले में विपक्ष ने सरकार करीब-करीब घेर ही लिया था और उस पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप भी लगाया था. इस मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लेते हुए शनिवार को कड़ा एक्शन लिया. उन्होंने पुलिस थाना कुरई और चौकी बादलपार के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने सिवनी जिले के एसपी को भी हटा दिया है.


दस दिन में देनी है रिपोर्ट

बता दें, सिवनी आदिवासी हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के चीफ एसीएस होम राजेश राजौरा हैं. एसआईटी के सदस्यों के रूप में एडीजी राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल अखेतो सेमा, सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल श्रीकांत भनोट को शामिल किया गया है. इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए. यह एसआईटी घटना के कारणों, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई, घटनाओं को रोकने के उपाय के बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी. इस टीम को 10 दिन में रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है. इसके लिए टीम रविवार को सिवनी रवाना होगी.


इस तरह हुआ था हत्याकांड

बता दें. इसी महीने की 4 मई को 15-20 लोगों ने गौ-मांस की तस्करी के शक में सिमरिया गांव निवासी धनसा इनवाती , सागरगांव निवासी संपत बट्टी और ब्रजेश को घेर लिया था. इन लोगों ने तीनों की लाठी-डंडों से जबरदस्त पिटाई की. इसी बीच किसी ने बदलापार पुलिस को फोन लगा दिया. पुलिस ने गंभीर रूप से घायल तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती किया. यहां इलाज के दौरान धनसा और संपत ने दम तोड़ दिया था.

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